आपके पहली बार लिए गए टेस्ट के विश्लेषण के आधार पर रैंक अप आपके लिए प्रैक्टिस के लिए वह कॉन्सेप्ट्स चुनता है जिनको करने में आपको परेशानियां हुई थीं |साथ ही रैंक अप प्रयास लेते समय आपके व्यवहार का भी ट्रैक रखता है | 

रैंक अप प्रैक्टिस इसलिए भी अलग है क्योंकि यह बहुत अनुकूली है और हर प्रश्न के लिए आपको सुझाव प्रदान करती है | प्रैक्टिस टेस्ट लेते समय आपको हिंट इस्तेमाल करने का विकल्प मिलता है | 

प्रैक्टिस टेस्ट्स लेते समय, रैंक अप आपको हर कदम पर मार्गदर्शित करता है |

आपके द्वारा प्रयास किए गए हर सही या गलत प्रश्न के लिए आपको उसका हल देखने के विकल्प के साथ उस कांसेप्ट को सीखने का भी विकल्प मिलता है | इसके साथ ही आपको हिंट्स के सूचना संदेश भी मिलते हैं और यह भी पता चल पाता है की प्रश्न को हल करते हुए आप कितना समय ले रहे हैं |

जब  रैंक अप पर अध्यन और प्रैक्टिस के समय उठाया गया विद्यार्थी का हर कदम व्यक्तिगत अभ्यास का स्तर बन जाता है तो अध्यन में कुछ भी छूट जाए, ऐसा होना असंभव हो जाता है |

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