ज़्यादातर लोगों को ऐसा लगता है की सिर्फ सीखने और प्रैक्टिस करने से ही उनको अच्छे स्कोर्स अर्जित करने में मदद मिलेगी| जबकि ऐसा नहीं है | आपके परीक्षा का स्कोर इन 4 मानकों के आधार पर बनता है : 

1. शैक्षिक दक्षता - आपको अपने स्कोर का 60% आपकी वैचारिक स्पष्टता और लागू करने की क्षमता पर निर्भर करता है | 

2. व्यवहार प्रवीणता - टेस्ट लेना उतनी ही मनोवैज्ञानिक चुनौती है जितनी की कोई शैक्षिक चुनौती होती है | सोचिए उस समय क्या होता है जब आप परीक्षा में पहला प्रश्न देखते हैं और आपको समझ नहीं आता की इसे कैसे हल किया जाए | क्या आपका आत्मविश्वास डगमगाता है ? क्या आपको घबराहट महसूस होती है ? क्या आप परेशान होने लगते हैं ? यह सिर्फ एक उदाहरण है की किस प्रकार आपका व्यवहार आपके अंकों पर असर डालता है | यह आपके 20 % तक के स्कोर का गठन करता है |

3. टेस्ट लेने की कुशलता - पिछले 2 वर्षों के अध्यन / तैयारी में आपने क्या किया इसके निरपेक्ष, आप फाइनल के 3 घंटों में किस प्रकार प्रदर्शन करते हैं , आपके स्कोर के शेष 20% को निर्धारित करता है | सेक्शन स्तर पर समय प्रबंधन , प्रयास रणनीति, प्रश्नों के चयन का कौशल , इसका एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं|

रैंक अप का अविश्वसनीय एल्गोरिथ्म इस सभी मानकों को ध्यान में रखता है और उन्हें आपकी एफर्ट रेटिंग के साथ जोड़ता है (आप लगातार कितना प्रयास दाल रहे हैं )| यधपि जम्प पैक आपको अपने संपूर्ण प्रयासों में कमियों से अवगत करवाता है , रैंक अप आपको सख्त , व्यक्तिगत अंकों में सुधार की योजना का निर्माण करके देता है जिससे की आप अपने कमज़ोर क्षेत्रों पर कार्य कर सकें | 

सबसे अधिक देखी गई कमियों को नीचे सूचीबद्ध किया गया है :

1. व्यर्थ के प्रयास
2. बिलकुल सही किये गए प्रयास
3. जल्दबाज़ी में किये गए
4. कठिन प्रश्नों जो जल्दबाज़ी में किये गए
5. अधिक समय लगाकर भी गलत किये गए
6. नॉन एटेम्पट टाइम
7. इन्कोर्रेक्ट एटेम्पट टाइम
8. विषय सटीकता असंतुलन
9. स्टैमिना
10. फर्स्ट लुक एक्यूरेसी
11. फर्स्ट लुक टाइम
12. फर्स्ट लुक टाइम इन्कोर्रेक्ट

और अधिक जानकारी के लिए इस विडियो को ज़रूर देखें :

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